भारत पाक करतारपुर कॉरिडोर की आधारशिला पर जमकर बोले सिद्धू
इस समय पंजाब में कांग्रेस की सरकार है। कांग्रेस की सरकार के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू पाकिस्तान के लिए निकल पड़े हैं। उन्होंने पाकिस्तान जाने के लिए अटारी वाघा बॉर्डर भी पार कर लिया है। गौरतलब है कि पाकिस्तान की विदेश मंत्री महमूद कुरैशी ने नवजोत सिंह सिद्धू को पाकिस्तान आने के लिए आमंत्रित किया है। उन्हें आमंत्रण पाकिस्तान में करतारपुर कॉरिडोर की आधारशिला रखने के लिए किया है ।
भारत पाक करतारपुर कॉरिडोर पर सिद्धू जमकर बोले
इससे पहले 26 नवंबर को पंजाब के गुरदासपुर जिले में स्थित डेरा बाबा नानक में करतार कारिडोर की नींव रखी गई थी । आधारशिला रखने के लिए भारत के उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, केंद्रीय भूतल परिवहन के मंत्री नितिन गडकरी और पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह भी मौजूद थे। उन्होंने डिजिटल तरीके से बटन को दबाकर कॉरिडोर के नींव के पत्थर को रखा था ।
करतारपुर में की रेलवे स्टेशन बनाने के लिए पाकिस्तान सरकार ने बिहार में भर दी है । उन्होंने कहा कि देशभर के सिख धार्मिक स्थलों के निकट श्रद्धालुओं को ठहरने के लिए जमीन की व्यवस्था उपलब्ध भी कराई जाएगी । पाकिस्तान के रेल मंत्री शेख रशीद अहमद ने इस मामले को लेकर कहा है कि सरकार करतारपुर में ननकाना साहिब तथा नरोवाल में होटलों के निर्माण के लिए सिख संगठनों को जमीन मुहैया कराने का भी वचन देती है ।
इससे पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने करतारपुर साहिब कॉरिडोर के आधारशिला समारोह के लिए भारत विदेश मंत्री सुषमा स्वराज व पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को भी न्योता दिया था लेकिन दोनों लोगों ने निमंत्रण को मानने से इनकार कर दिया था और इस समारोह में जाने से भी इनकार कर दिया था।
इसके साथ ही पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पाकिस्तान के निमंत्रण को ठुकरा दिया था। पाकिस्तान के निमंत्रण को ठुकरा जाने के पीछे आतंकी हमलों और पाकिस्तानी सशस्त्र बलों द्वारा भारतीय सैनिकों पर हमले करने की वज़ह से था।
इसके पश्चात नवजोत सिंह सिद्धू को भी समारोह के लिए निमंत्रण दिया गया था जिसको उन्होंने स्वीकार कर लिया था और उन्होंने यह भी कहा कि इस बार पाकिस्तान जाने से पहले भारत सरकार की आज्ञा जरूर लेंगे क्योंकि पिछले बार के दौरे के कारण काफी विवाद उत्पन्न हो गया था।

